अलगाववाद

अलगाववाद की धारा

भारत का मन बेचैन है। वीएस नायपाल ने 'इंडिया, ए मिलियन म्यूटिनीज नाऊ' में ठीक लिखा है कि भारत लाखों विद्रोहों का देश है। जिहादी आतंकवाद राष्ट्रव्यापी है। भारत के गांवों और शहरों में यह लघु उद्योग की तरह पनपा है। केंद्र सहित तमाम राज

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