सुस्ती की परियोजना

पूर्व-पश्चिम कारीडोर परियोजना की अवधि को दो वर्ष तक और आगे बढ़ाया जाना इस बात का परिचायक है कि बुनियादी ढांचे के निर्माण की हर संभव तरीके से अनदेखी की जा रही है।
 

लाजवाब है लाजवर्त

कुछ रत्न ऐसे है, जिनका आकर्षण सदियां-दर सदियां बीतने के बाद भी कम नहीं हुआ है। ऐसी ही रत्नों में लाजवर्त का नाम भी शुमार है। गहरे नीले रंग केइस रत्न पर सुनहरी धारियां इसकी आभा व सौंदर्य में चार-चांद लगा देती है। ऐसी मान्यता है कि लग

डूबती नाव पर मुशर्रफ

नवाज शरीफ के पुन: निर्वासन को मुशर्रफ की शातिर चाल बता रहे है राजीव शुक्ला 

विधि-विधान: श्रीप्रकाश गुप्त

दीवानी के मुकदमों में प्रतिवादी समय से जवाबदावा दाखिल नहीं करते। इस संबंध में उच्चतम न्यायालय ने बहुत कठोर शब्दों में न्यायालयों को उनके कर्तव्यों की याद दिलाई है। आरएन जाडी प्रति सुभाष चंद्र के मामले में निर्णय देते हुए न्या

राम नाम ही सत्य है; हलफनामा - डा.कर्ण सिंह

राष्ट्र की झोली में मानो पहले ही विवाद कम थे, जो भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने हमारे चारों ओर व्याप्त भ्रांति और तनाव में अपना भी योगदान जोड़ दिया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण का यह दृष्टिकोण समझ से परे है कि रामसेतु/एडम ब्रिज एक बा

राजनीतिक हादसों का दौर

परमाणु करार के बाद रामसेतु मामले पर जारी विवाद से भाजपा को लाभ होता हुआ देख रहे है अरुण नेहरू
 

धर्ममार्ग- उपनिषद की शिक्षाएं- कन्हैयालाल शर्मा 'निर्मल'

उपनिषद का शाब्दिक अर्थ है गूढ़-विद्या यानी रहस्य अथवा वह विद्या जो केवल दीक्षित-शिष्यों को एकांत में दी जाती है और इसका पूरा ध्यान रखा जाता है कि वह किसी अनधिकारी को न दी जाए। उसी समय से यह शब्द शास्त्र के लिए भी प्रस्तुत होने लगा।

बेहतर भविष्य की ओर हिंदी - हृदयनारायण दीक्षित

भारत मे सरस्वती के तट पर विश्व मे पहली बार शब्द प्रकट हुआ। ऋग्वैदिक ऋषि माध्यम बने। ब्रह्म/ सर्वसत्ता ने स्वयं को शब्द मे अभिव्यक्त किया। ब्रह्म शब्द बना, शब्द ब्रह्म कहलाया। अभिव्यक्ति बोली बनी और भाषा का जन्म हो गया। नवजात शिश

आस्था के प्रति अनास्था

भारतीय संस्कृति और सनातन आस्था के प्रति सत्तापक्ष के दृष्टिकोण पर प्रश्नचिह्न लगा रहे है हृदयनारायण दीक्षित
 

महिषासुर जैसा भ्रष्टाचार

अगर लोगों से पूछा जाए कि देश के सामने सबसे बड़ी समस्या कौन सी है तो लोग अलग-अलग उत्तर देंगे। कोई कहेगा कश्मीर समस्या सबसे गंभीर है,कोई कहेगा पूर्वोत्तर की समस्याएं ज्यादा विषम हैं, कोई कहेगा नक्सल आंदोलन सबसे बड़ी चुनौती है और शायद

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