त्रिपुरा

त्रिपुरा- सुभाषिनी अली सहगल

जब भी कहीं बम विस्फोट होता है या किसी आतंकवादी घटना की खबर आती है तो मरने वालों के शरीर के छितराए अंग, उनके परिवार वालों का असहनीय दु:ख और घायलों की दहशत भरी आंखें देखी नहीं जातीं। हर ऐसी घटना के बाद यह सुनने को मिलता है कि आगे ऐसा नह

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