डा. हरिप्रसाद दुबे

ध्यान साधना

मानव जीवन में लक्ष्य प्राप्ति के लिए एकाग्रचित्त कर्मरत रहना अनिवार्य है। हर किसी को कार्य में अपनी आवश्यकताओं को पूर्ण करने की संतुष्टि का मार्ग तलाशना पड़ता है। कार्य सिद्धि को ही अपनी पूजा समझने वाले सफलता पाते है। कहा जाता ह

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