हिंदी

अहिंदी भाषी क्षेत्रों में हिंदी

हिंदी में सृजनात्मक लेखन के निरंतर ह्रास पर चिंता जता रहे हैं डा.महीप सिंह

बेहतर भविष्य की ओर हिंदी - हृदयनारायण दीक्षित

भारत मे सरस्वती के तट पर विश्व मे पहली बार शब्द प्रकट हुआ। ऋग्वैदिक ऋषि माध्यम बने। ब्रह्म/ सर्वसत्ता ने स्वयं को शब्द मे अभिव्यक्त किया। ब्रह्म शब्द बना, शब्द ब्रह्म कहलाया। अभिव्यक्ति बोली बनी और भाषा का जन्म हो गया। नवजात शिश

आजादी के बाद करीब आई हिंदी और उर्दू

बंटवारे के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच भले ही बेगानियत बढ़ी हो, लेकिन इस दौरान दक्षिण एशिया की दो प्रमुख जबानें हिंदी और उर्दू एक-दूसरे के करीब आई।

बाज़ार के दबाव में आगे बढ़ती हिंदी

हिंदी को अधिक से अधिक लोकप्रिय और उपयोगी बनाने के लिए जो सरकारी विभाग बनाए गए हैं उनके लिए हर साल 14 सितंबर एक बड़ा दिन होता है.

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