भारतीय दर्शन

मानव मूल्यों की प्रतिष्ठा

वेद वैश्विक ज्ञान गंगा के उत्स (स्रोत) है। अखण्ड, अनंत, अपरिमित ज्ञान का वह बोध, जिसको तपस्वी मनीषियों द्वारा हृदयंगम किया गया वेद कहलाए। इसलिए वेद अलौकिक है और विराट सत्ता के प्रकाश का ्रद्योतक है। ईश्वर का प्रकाश कभी विभक्त नही

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