आचार्य सुदर्शन जी

स्वस्ति वाचन का विज्ञान:विज्ञानसम्मत रही है मनीषियों की हर पहल

हमारे देश की यह प्राचीन परंपरा रही है कि जब कभी भी हम कोई कार्य प्रारंभ करते है, तो उस समय मंगल की कामना करते है और सबसे पहले मंगल मूर्ति गणेश की अभ्यर्थना करते है। इसके लिए दो नाम हमारे सामने आते हैं-पहला श्रीगणेश और दूसरा जय गणेश।<

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