हिन्दुत्व

अमेरिका में वेदांत पर सम्मेलन

वाशिंगटन। अमेरिका में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय वेदांत सम्मेलन में भारत, अमेरिका और कनाडा के करीब सौ दार्शनिक शरीक होंगे। सम्मेलन 20 से 23 सितंबर तक ओहियो के मियामी विश्वविद्यालय में होगा। इसमें कई भारतीय प्रतिनिधि भाग ले

मानव मूल्यों की प्रतिष्ठा

वेद वैश्विक ज्ञान गंगा के उत्स (स्रोत) है। अखण्ड, अनंत, अपरिमित ज्ञान का वह बोध, जिसको तपस्वी मनीषियों द्वारा हृदयंगम किया गया वेद कहलाए। इसलिए वेद अलौकिक है और विराट सत्ता के प्रकाश का ्रद्योतक है। ईश्वर का प्रकाश कभी विभक्त नही

स्वस्ति वाचन का विज्ञान:विज्ञानसम्मत रही है मनीषियों की हर पहल

हमारे देश की यह प्राचीन परंपरा रही है कि जब कभी भी हम कोई कार्य प्रारंभ करते है, तो उस समय मंगल की कामना करते है और सबसे पहले मंगल मूर्ति गणेश की अभ्यर्थना करते है। इसके लिए दो नाम हमारे सामने आते हैं-पहला श्रीगणेश और दूसरा जय गणेश।<

स्मरण:आचार्य विनोबा भावे

विन्या, विनोबा, नरहरि भावे, विनायक और बाद में बाबा के नाम से विख्यात आचार्य विनोबा भावे भारतीय संस्कृति के उन्नायक थे। उन्होंने अपनी माता रघुमाई देवी के सुझाव पर गीता का मराठी अनुवाद तैयार किया। मां से ब्रह्मचर्य की महत्ता जब सु

Syndicate content