वर्षा ऋतु

आयुर्वेद: वर्षा ऋतु में बचें त्वचा रोगों से

बरसात के मौसम में हवा में नमी अधिक होती है और पसीना बहना या वाष्पीकरण भी कम होता है। इस ऋतु में त्वचा के अंदर की तैलीय ग्रंथियां भी ज्यादा सक्रिय हो जाती है। इस कारण त्वचा अधिक तैलीय (ऑयली) हो जाती है। इस स्थिति में त्वचा संबंधी बीम

Syndicate content