हृदयनारायण दीक्षित

राष्ट्रीय एकता पर राजनीति

राष्ट्रीय एकता परिषद की बैठक के निष्प्रभावी रहने के कारण बता रहे है हृदयनारायण दीक्षित

अलगाववाद की धारा

भारत का मन बेचैन है। वीएस नायपाल ने 'इंडिया, ए मिलियन म्यूटिनीज नाऊ' में ठीक लिखा है कि भारत लाखों विद्रोहों का देश है। जिहादी आतंकवाद राष्ट्रव्यापी है। भारत के गांवों और शहरों में यह लघु उद्योग की तरह पनपा है। केंद्र सहित तमाम राज

इतिहास का भारतीय अंदाज

इतिहास के प्रति भारतीयों की समझ को औरों से अलग बता रहे हैं हृदयनारायण दीक्षित 
 

बेहतर भविष्य की ओर हिंदी - हृदयनारायण दीक्षित

भारत मे सरस्वती के तट पर विश्व मे पहली बार शब्द प्रकट हुआ। ऋग्वैदिक ऋषि माध्यम बने। ब्रह्म/ सर्वसत्ता ने स्वयं को शब्द मे अभिव्यक्त किया। ब्रह्म शब्द बना, शब्द ब्रह्म कहलाया। अभिव्यक्ति बोली बनी और भाषा का जन्म हो गया। नवजात शिश

आस्था के प्रति अनास्था

भारतीय संस्कृति और सनातन आस्था के प्रति सत्तापक्ष के दृष्टिकोण पर प्रश्नचिह्न लगा रहे है हृदयनारायण दीक्षित
 

हिंदुत्व पर बेवजह बहस

सेकुलरिज्म के नाम पर हिंदुत्व को कट्टरता से जोड़ने को अनुचित ठहरा रहे है हृदयनारायण दीक्षित 

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