अध्यात्म

धर्म एवं अध्यात्म

धारयते इति:धर्म: जो धारण किया जाए वह धर्म है अर्थात जिस परमसत्ता के बनाए नियमों के अनुरूप इस जगत का धारण पोषण हो रहा हो और उसके अनुशासनों के अनुरूप अपनी जीवनचर्या का निर्धारण हो रहा हो उसे धर्माचरण कहते है।

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