पीठ न दिखाएं पीठ को

पीठ शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है। चूंकि यह आँखों से ओझल रहती है इस कारण इसकी देखभाल का ख्याल मन में नहीं आता। पीठ भले ही स्वयं को न दिखाई देती हो, किंतु दूसरों का ध्यान उस पर अवश्य जाता है। गहरे कटाव और नए डिजायन के ब्लाउज से दिखती साफ-सुथरी पीठ सबका मन मोह लेती है। जितना ध्यान आप अपने चेहरे एवं हाथ-पैरों की सुंदरता की ओर देती है, उतना ही ध्यान आपको अपनी पीठ की ओर भी देना चाहिए। 

   * पीठ पर चिकनाई पैदा करने वाली ग्रंथियां अधिक होती है, इसलिए उस पर झुíरयां पड़ने की संभावना बहुत कम होती है, परंतु पीठ पर अत्यधिक तैलीय तत्व होने के कारण उस पर काले मस्से उभर आते है। साथ ही फुंसियों व कीलों आदि की समस्याएं भी उत्पन्न होती है। इनसे पीठ की त्वचा का रंग बदरंग हो जाता है। अत: कोई भी समस्या होने पर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। 

   * पीठ की नियमित सफाई बहुत आवश्यक है, किंतु समस्या यह होती है कि वहां तक हाथ ठीक से पहुंच नहीं पाते है। इसके लिए लंबे दस्ते वाले नरम ब्रश को काम में लाना चाहिए। 
   * सूखी तुरई की जाली से भी पीठ मलने के लिए स्क्रबर बनाया जा सकता है। इसके रगड़ने से त्वचा के रोमछिद्र खुल जाते है।
   * स्नान के बाद पीठ को तौलिए से रगड़कर अच्छी तरह पोंछना चाहिए। इससे रक्तसंचार बढ़ने के साथ-साथ रोमछिद्रों की भी सफाई होती है। 

   * क्रीमी बैकवाश भी मृत कोशिकाओं को दूर करके त्वचा में निखार लाता है। इसके लिए एक टी-कप दूध में एक टीस्पून नमक मिलाकर पीठ पर रगड़े। फिर कुनकुने पानी से धो लें। 

   * पीठ की त्वचा की रंगत निखारने के लिए थोड़ी सी हल्दी में नींबू का रस मिलाकर उबटन बना लें और इसे स्नान से पूर्व पीठ पर मलें। इससे त्वचा साफ होती है, साथ ही दाग-धब्बे भी दूर हो जाते है। 

   * चीनी, शहद और दही मिलाकर लेप बना लें। फिर इसे ब्रश की सहायता से पीठ पर लगाएं। सूख जाने पर कुनकुने पानी से धो लें। 

   * महीने में कम से कम दो-तीन बार पीठ की मालिश करनी चाहिए। इससे रक्तसंचार में वृद्धि होती है और त्वचा की चमक बढ़ती है। 

   * खीरे के टुकड़े पीसकर थोड़ा सा चंदन पाउडर मिला लें। फिर इसे किसी मुलायम कपड़े से पीठ पर लगाएं। कुछ देर पश्चात स्नान करे। 

   * स्नान करने से पहले दो टीस्पून शहद में थोड़ा सा चोकरयुक्त आटा और थोड़ा सा गुलाबजल मिलाकर लगाएं। त्वचा में निखार आएगा। 

   * दो टीस्पून शक्कर में थोड़ा सा जैतून का तेल मिलाकर पीठ पर धीरे-धीरे मलें। कुछ देर पश्चात पहले गुनगुने पानी से पीठ धुलें। इसके पश्चात ठंडे पानी से स्नान करे। 

   * एक टी-कप दही में थोड़ा सा बेसन मिलाकर पीठ पर मलें। इससे त्वचा में रौनक आती है। 

   * पीठ की त्वचा के देखभाल के साथ-साथ उठते-बैठते और खड़े होते समय कमर को सीधा रखना चाहिए। 

   * लगातार देर तक काम करते रहने से भी पीठ में दर्द होने लगता है, इसलिए पीठ की देखरेख के लिए नियमित व्यायाम बहुत आवश्यक है। इसके लिए किसी व्यायाम विशेषज्ञ से मिलकर भुजंगासन, शलभासन आदि व्यायाम सीखने चाहिए। 

   * विशेषज्ञों का मानना है कि ज्यादा कसे हुए आंतरिक वस्त्र पहनने से पीठ की ग्रंथियां अधिक दबती है। इससे अनेक प्रकार की परेशानियां उत्पन्न हो जाती है। अत: बहुत कसे हुए आंतरिक वस्त्र नहीं पहनने चाहिए। रात में आंतरिक वस्त्र उतारकर सोना लाभकारी रहता है। 

   उर्वशी