अगले साल अप्रैल में रवाना होगा चंद्रयान-1

हैदराबाद। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) चंद्रयान-1 को अगले साल नौ अप्रैल को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से रवाना करेगा। चांद के लिए भारत का यह पहला महत्वाकांक्षी अभियान है। 
 

   चंद्रयान-1 के परियोजना निदेशक मायलस्वामी अन्नादुरै ने बताया कि अगर उस दिन प्रक्षेपण नहीं हो पाया तो अगले दो दिन तक इसे मुमकिन करने की कोशिश होगी। इसरो ने इस साल के अंत तक अभियान की समय-सीमा पर खरा उतरने तथा विदेशी भागीदारों के छह उपकरणों सहित सभी 11 उपकरणों को यान में समन्वित करने संबंधी योजना के बारे में पूछे गए सवाल पर यह जानकारी दी। 

   अन्नादुरै ने बताया कि अमेरिका और बुल्गारिया प्रत्येक का एक उपकरण पिछले हफ्ते समन्वित किया जा चुका है। जो दो पेलोड समन्वित किए जा चुके हैं उनमें एक माइनरालाजी मैपर है। यह ब्राउन विश्वविद्यालय तथा नासा की जेट प्रापल्सन प्रयोगशाला की संयुक्त परियोजना है। दूसरा है रेडिएसन डोज मानीटर एक्सपरीमेंट , जिसे बुल्गारियन एकेडमी आफ साइंसेज ने तैयार किया है।