चटाक...

एक दिन राजू के पापा एक रोबोट ले कर आये. वह रोबोट झूठपकड़ सकता था और झूठबोलने वाले को गाल पर खीँच कर चांटा मार देता था.
 
आज राजू स्कूल से घर देर से आया था... पापा ने पूछा "घर लौटने में देर क्यो हो गयी?"
"आज हमारी एक्स्ट्रा क्लासेस थी" राजू ने जवाब दिया... रोबोट अचानक अपनी जगह से उछला और जमकर राजू के गाल पर चांटा मार दिया.
पापा हंसकर बोले, "ये रोबोट हर झूठको पकड़ सकता है और झूठबोलने वाले को चांटा भी मारता है. अब सच क्या है यह बताओ... कहाँ गए थे?" "में फिल्म देखने गया था" राजू बोला
"कौन सी फिल्म?" पापा ने कड़ककर पूछा "हनुमान" चटाक... अभी राजू की बात पूरी भी नहीं हुई थी की उसके गाल पर रोबोट ने एक जोर का चांटा मारा.
"कौन सी फिल्म?" पापा ने फिर पूछा "कातिल जवानी." पापा ग़ुस्से में बोले "शर्म आनी चाहिए तुम्हे.
जब में तुम्हारे जितना था तब ऐसी हरकत नहीं किया करता था." चटाक... रोबोट ने एक चांटा मारा...
इस बार पापा के गाल पर. यह सुनते ही मम्मी किचन में से आते हुए बोली "आख़िर तुम्हारा बेटा है ना... झूठतो बोलेगा ही"
अब मम्मी की बारी थी... चटाक... .