रामसेतु पर विहिप-भाजपा साथ लड़ेंगे संग्राम

संघ परिवार आपसी लड़ाई में रामसेतु मुद्दे को कतई कमजोर नहीं करेगा। आंदोलन की अगुवाई को लेकर भाजपा से होड़ के कयासों के विपरीत विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष अशोक सिंहल ने भाजपा के साथ समन्वय से यह आंदोलन चलाने का एलान कर आपसी मतभेदों को नकार दिया है। भाजपा ने भी विहिप के साथ मिलकर इस मुद्दे पर कदम बढ़ाने का एलान किया है।

   सिंहल ने दो टूक कहा, 'राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ 7 सितंबर को हुई बैठक में तय हो चुका था कि विहिप और भाजपा इस आंदोलन को साथ मिलकर चलाएंगे।' रामजन्मभूमि की तरह इस आंदोलन को भी भाजपा द्वारा हाईजैक करने संबंधी विहिप की तरफ से आ रहे बयानों को भी उन्होंने संशोधित किया। सिंहल ने कहा कि 'रामेश्वरम राम रक्षा समिति में हिंदू मानसिकता के सभी लोग हैं। इसमें लोग जुड़ सकते हैं, लेकिन यह हाईजैक नहीं हो सकता।'
  
  
   विहिप महासचिव प्रवीण तोगड़िया के विपरीत सिंहल के नरम रुख से साफ है कि संघ परिवार इस मुद्दे को नेताओं की आपसी महत्वाकांक्षा की भेंट नहीं चढ़ने देगा। सिंहल ने भाजपा पर भरोसा जताकर यह भी साफ कर दिया कि मौजूदा राजनीतिक माहौल में वह उसके साथ ही दिखाई पड़ेगी। यह पूछने पर कि सेतुसमुद्रम परियोजना तो राजग सरकार ने शुरू की थी तो रामसेतु के मुद्दे पर विहिप उसे क्यों दोषी नहीं मानती? इस पर सिंहल का बयान निसंदेह संघ परिवार की एकजुटता का संदेश देने वाला था। विहिप अध्यक्ष ने कहा, 'राजग सरकार ऐसा कोई प्रस्ताव दे ही नहीं सकती थी, जिससे रामसेतु को क्षति पहुंचती हो।'
  
  
   सिंहल ने इसके साथ ही जोड़ा, 'हम भी भाजपा की तरह यही कह रहे हैं कि परियोजना से किसी को कोई आपत्ति नहीं है। ऐसा कोई भी समुद्र मार्ग जिससे रामसेतु को नुकसान न पहुंचे हमें मान्य है।' विहिप अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट में राम के अस्तित्व को न मानने वाला हलफनामा दायर करने के लिए कांग्रेस व संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी पर प्रहार किया। उन्होंने कहा, 'विदेशियों को राम के बारे में क्या पता? अगर 11 सितंबर को गलती से हलफनामा दायर किया गया था तो 12 को सरकार उसे वापस ले लेती। लेकिन उन्हें होश विहिप के चक्का जाम के बाद आया और तब उन्होंने उसे वापस लिया।'
  
  
   इधर, भाजपा भी रामसेतु के विषय को चुनावी मुद्दा बनाने का फैसला तो कर ही चुकी है, लेकिन वह ऐसा कोई बयान नहीं दे रही, जिससे विहिप आहत हो। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, 'रामेश्वरम रामरक्षा समिति में भाजपा से भी दो लोग डा. मुरली मनोहर जोशी और गोपाल व्यास शामिल हैं। इस तरह हम आंदोलन में सम्मिलित तो हैं ही।' जावड़ेकर ने कार्यसमिति में भी इस विषय पर चर्चा की बात कही। उन्होंने कहा कि कार्यसमिति में तीन प्रस्ताव पारित होंगे। इनमें राजनीतिक प्रस्ताव में ही रामसेतु का विषय भी होगा। इसके अलावा दूसरा प्रस्ताव गांव-गरीब और किसान व तीसरा आंतरिक सुरक्षा होगा। भाजपा प्रवक्ता के मुताबिक चुनावी तैयारियां भी इस कार्यसमिति का प्रमुख विषय होंगी।